दो मुँह हँसी Deepak sharma द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

दो मुँह हँसी

Deepak sharma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

दो मुँह हँसी ’’ऊँ ऊँ,’’ सुनयन जगा है । बिजली की फुर्ती से मैं उसके पास जा पहुँचता हूँ । रात में उसे कई बार सू-सू करने की जरूरत महसूस होती है । जन्म ही से उसकी बुद्धि दुर्बल ...और पढ़े


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