गाँव में पंचायत की बैठक हो रही है क्योंकि शेखर ने एक तलाकशुदा लड़की, सुनीता, से शादी की है। मुखिया और गाँव के लोग इस शादी को गलत मानते हैं और सुनीता को गाँव छोड़ने का आदेश देते हैं। शेखर अपने पिता से कहता है कि वह सुनीता के साथ गाँव छोड़ेगा, क्योंकि वह उसकी पत्नी है। शेखर का कहना है कि सुनीता निर्दोष है और उसका पति रमेश ही दोषी था, जिसने उसे प्रताड़ित किया। शेखर का तर्क है कि क्यों केवल सुनीता को सजा दी जा रही है, जबकि रमेश को गाँव से बाहर नहीं निकाला गया। यह कहानी समाज में महिला के प्रति भेदभाव और न्याय के सवाल उठाती है। तलाकशुदा बहू पूर्णिमा राज द्वारा हिंदी लघुकथा 3.9k 3.4k Downloads 9.2k Views Writen by पूर्णिमा राज Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण " अरे भइया सोहन , इहाँ गाँव मे सब कहाँ है कौउनो नजर नहीं आय रहा है। "" उ का बतई भई गाँव मा पंचायत लगी है। अपने बड़के काका के बेटवा ने शादी कर ली है। "" अरे भइया ई तो खुशी की बात है। "" नाही शादी एेसी वैसी लड़की से ना , उ रमेशवा की छोड़ी हुई लुगाई से की है। "" का बात करत हो भइया , तब तो पंचायत मे बड़ा मजा अाई देखैे मे चलो जल्दी ।"" देखिए बड़का भाई आपके बेटे ने ये अच्छा नहीं किया है , इस तलाकशुदा लड़की से इसे More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी