स्त्री विमर्श बनाम मानवाधिकार Ranjana Jaiswal द्वारा महिला विशेष में हिंदी पीडीएफ

स्त्री विमर्श बनाम मानवाधिकार

Ranjana Jaiswal मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी महिला विशेष

मैं हुआ करती थी /एक ठंडी पतली धारा /बहती हुई जंगलों ,पर्वतों और वादियों में /मैंने जाना कि ठहरा हुआ पानी /भीतर से मारा जाता है /जाना कि समुद्र की लहरों से मिलना धाराओं को नयी जिंदगी देना है ...और पढ़े


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