four short stories book and story is written by Ranjana Jaiswal in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. four short stories is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. चार लघुकथाएं Ranjana Jaiswal द्वारा हिंदी लघुकथा 3.8k 2.2k Downloads 5k Views Writen by Ranjana Jaiswal Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अच्छे पापा दिन भर दफ्तर में खटकर मैं जल्दी-जल्दी घर लौट रहा था |बार-बार बेटे का चेहरा आँखों के सामने डोल जाता |आठ साल का गोलू-मोलू सा बेटा पप्पू ...इधर नाराज होना सीख गया है |जब से पड़ोस में एक इंजीनियर साहब रहने को आए हैं ,मैं परेशान हो गया हूँ |पप्पू की उम्र का उनका एक बेटा है गोल्डी|इंजीनियर साहब के पास सुख-साधनों का अंबार है |पप्पू का मन उधर खिंचता है |मैं अदना सा क्लर्क प्यार से उसकी कमी पूरी करने में लगा रहता हूँ |घर पहुँचते ही मैंने आवाज लगाई –पप्पू बेटा कहाँ हो ?इधर आओ |पर पप्पू More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी