कुछ बंधन ऐसे भी हुआ करते है।। Aziz द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

कुछ बंधन ऐसे भी हुआ करते है।।

Aziz द्वारा हिंदी कविता

कुछ बंधन ऐसे भी हुआ करते है।।जो प्यारे से जज़्बात से जुड़े,ओर महोब्बत तक का सफर तय करते है।कुछ बंधन ऐसे भी हुआ करते है।।जो उम्मीद बने तब जब रब भी तुमसे रूठे,हाथ थामे तुम्हारा तो उम्मीद बाँधा करते ...और पढ़े


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