वेश्या का भाई - भाग(१८) Saroj Verma द्वारा क्लासिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

वेश्या का भाई - भाग(१८)

Saroj Verma मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां

घायल लठैत की बात सुनकर गुलनार बोली... जाने दीजिए उन्हें,जी लेने दीजिए अपनी जिन्द़गी,केशरबाई बड़े नसीबों वालीं निकलीं तभी तो उन्हें उनका भाई अपनी जान पर खेलकर उन्हें यहाँ से ले गया,हम जैसे बदनसीबों के तो भाई ही नहीं ...और पढ़े


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