तेरे लिए Vikas Mishra द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

तेरे लिए

Vikas Mishra द्वारा हिंदी कविता

1.कसकमेरे शब्दों में शायद कोई महक न होती ग़र उसमे तेरे दूर होने की कसक न होती न चमकता चाँद, रातों को तनहा आवारा तुझसे मिलने की उसमे ग़र लहक न होती न मिलती मेरी ग़ज़लों की सूरत तुझसे ...और पढ़े


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