suicide book and story is written by किशनलाल शर्मा in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. suicide is also popular in Anything in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. आत्महत्या Kishanlal Sharma द्वारा हिंदी कुछ भी 1.5k 3.8k Downloads 14k Views Writen by Kishanlal Sharma Category कुछ भी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण "बाबा बाबा रात दिन सोते जागते बाबा की रट लगाए रहती हो ।”रमेश नाराज होते हुए बोला,"यह सब ढोंगी होते है।देख नही रही कितने बाबा जेल में है।""मेरे बाबा ऐसे नही है"और रमेश चुप रह जाता।रमेश और गीता एक ही गांव के थे और कॉलेज में साथ पढ़ते थे।दोनो में दोस्ती थी इसलिए काफी समय भी साथ ही गुज़ारता और इस साथ मे पता ही नही चला कब रमेश गीता को चाहने लगा।प्यार करने लगा।और एक दिन उसने अपने प्यार का इजहार कर दिया।"रमेश मुझे भी तुमसे प्यार हो गया है।'"तो क्या मुझ से शादी करोगी।मेरी जीवन संगनी बनोगी तुम""शादी More Likes This जंगल - 43 द्वारा Neeraj Sharma खण्ड - 02 महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भाग 6 द्वारा Hind Gaurav मेंरे सुनहरे गर्मी के दिन - 1 द्वारा H.k Bhardwaj महाराणा लाखा द्वारा Vihan खण्ड - 01 महाराणा सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध - भूमिका द्वारा Hind Gaurav बच्चों के विकास में माता-पिता की भूमिका है? द्वारा Nitya Oswal वैवाहिक जीवन में प्रेम कैसे बना रहे? द्वारा Nitya Oswal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी