Pili Patang book and story is written by S Bhagyam Sharma in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Pili Patang is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. पीली पतंग S Bhagyam Sharma द्वारा हिंदी लघुकथा 778 2k Downloads 5.1k Views Writen by S Bhagyam Sharma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तमिल कहानी लेखिका उमा जानकी रामन अनुवाद एस.भाग्यम शर्मा विशाली अभी तक नहीं उठी। पाँच बजते ही जैसे रबड़ के गंेद के समान उछल कर उठ जाने वाली विशाली आज विस्तर पर सिकुड़ कर पड़ी है। ‘‘विशा.... गुड मार्निग!’’ पास जाकर वासु ने उसे छुआ तो उसका दिल घबरा गया क्यों कि उसका शरीर बुखार से तप रहा था। ‘‘अरे तुम्हें क्या हो गया है?’’ वासु ने घबराकर पूछा ‘‘उमं ...पूरी रात बहुत सिर दर्द हो रहा था। अब देखो तो बुखार आ गया। उल्टी आयेगी ऐसा भी लग रहा है।’’ ‘‘मुझे क्यों नहीं जगाया? कैसी लड़की हो तुम? चलो More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी