Sattva, Raja and Tama book and story is written by Rudra Sanjay Sharma in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Sattva, Raja and Tama is also popular in Spiritual Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. सत्त्व, रज और तम Rudra S. Sharma द्वारा हिंदी आध्यात्मिक कथा 4k 3.8k Downloads 12.1k Views Writen by Rudra S. Sharma Category आध्यात्मिक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सत्त्व, रज और तमगुण :- गुण का अर्थ होता है अनुकूलता अर्थात् जिसमें कर्ता का या धारण करने वाले का हित निहित होता हैं। कर्ता की धारण करने वाले का हित अर्थात् संतुष्टि निहित होती हैं। संतुष्टि से तात्पर्य हैं उचितानुकूल कामनाओं की पूर्ति की फलितता। यदि यथार्थ दृष्टिकोण से देखा जायें तो अनंत में जो भी है, जैसा भी है उचित है अर्थात् सभी के लिये अनुकूल हैं। कुछ अच्छा नहीं, बुरा भी नहीं, आकर्षक नहीं हैं और घृणित भी नहीं हैं, सुंदर तथा कुरूप, ज्ञान तथा अज्ञान आदि नहीं हैं अतः समता ही अनंत की वास्तविकता थी, है More Likes This अदृश्य पीया - 12 द्वारा Sonam Brijwasi बिल्ली जो इंसान बनती थी - 3 द्वारा Sonam Brijwasi महाराणा प्रताप - अध्याय 1 द्वारा Narayan Menariya Demon Slayer - 1 द्वारा Abhi Mahanand दक्षिण का गौरव - 1 द्वारा Ashish jain एक शादी ऐसी भी - 1 द्वारा Black Heart वेदान्त 2.0 - भाग 1 द्वारा Vedanta Life Agyat Agyani अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी