अवसान की बेला में - भाग ५ Rajesh Maheshwari द्वारा मनोविज्ञान में हिंदी पीडीएफ

अवसान की बेला में - भाग ५

Rajesh Maheshwari मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी मनोविज्ञान

36. उत्तराधिकारी मुंबई में एक प्रसिद्ध उद्योगपति जो कि कई कारखानों के मालिक थे, अपने उत्तराधिकारी का चयन करना चाहते थे। उनकी तीन संताने थी, एक दिन उन्होने तीनों पुत्रों को बुलाकर एक मुठठी मिट्टी देकर कहा कि मैं ...और पढ़े

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