ताश का आशियाना - भाग 10 Rajshree द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

ताश का आशियाना - भाग 10

Rajshree मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

"यहां रोज आते हो तुम?" एक सवाल की शक्ल देखने के लिए सिद्धार्थ पीछे मुड़ा। "सॉरी.." "तुमने तो कोई गलती की ही नहीं।" तड़ाक से जवाब आया। "मैं तुम्हें यहां रोज देखती जब भी देखती हूं, ...और पढ़े


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