गुनाहों का देवता - 32 Dharmveer Bharti द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

गुनाहों का देवता - 32

Dharmveer Bharti मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग 32 चन्दर ने सुधा के हाथों को अपने हाथ में ले लिया और कुछ भी नहीं बोला। सुधा थोड़ी देर चुप रही, फिर बोली- ''चन्दर, चुप क्यों हो? अब तो नफरत नहीं करोगे? मैं बहुत अभागी हूँ, देवता! ...और पढ़े

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