गुनाहों का देवता - 28 Dharmveer Bharti द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

गुनाहों का देवता - 28

Dharmveer Bharti मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

भाग 28 ''मैंने किसी को नहीं बटोरा! जो मेरी जिंदगी में आया, अपने-आप आया, जो चला गया, उसे मैंने रोका नहीं। मेरे मन में कहीं भी अहम की प्यास नहीं थी, कभी भी स्वार्थ नहीं था। क्या मैं चाहता ...और पढ़े

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