लौट के बुद्धू घर को आये - (पार्ट 2) किशनलाल शर्मा द्वारा हास्य कथाएं में हिंदी पीडीएफ

लौट के बुद्धू घर को आये - (पार्ट 2)

किशनलाल शर्मा मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी हास्य कथाएं

सालों पुरानी बात है।चार दशक से ज्यादा हो गए।जून का महीना था।मई और जून तोसुबह धूप निकलते ही गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगता जो दिन बढ़ने के साथ मे बढ़ता जाता।दोपहर होते होते तो लू के थपेड़े चलने लगते।ऐसी ...और पढ़े

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