स्वयं का मूल्यांकन आत्मा के संदर्भ में - भाग 1 Kamal Bhansali द्वारा मानवीय विज्ञान में हिंदी पीडीएफ

स्वयं का मूल्यांकन आत्मा के संदर्भ में - भाग 1

Kamal Bhansali मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी मानवीय विज्ञान

पंकेविर्ना सरो भाति सभा खलजनै विर्ना ।कटुवणैविर्ना काव्यं मानसं विशयैविर्ना "।।"यानी सरोवर कीचड़ रहित हो तो शोभा देता है, दुष्ट मानव न हो तो सभा, कटु वर्ण न हो तो काव्य और विषय न हो तो मन शोभा देता ...और पढ़े


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