मौत का खेल - भाग -12 Kumar Rahman द्वारा जासूसी कहानी में हिंदी पीडीएफ

मौत का खेल - भाग -12

Kumar Rahman मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी जासूसी कहानी

तफ्तीश इंस्पेक्टर कुमार सोहराब और सार्जेंट सलीम के बीच अभी बातें हो ही रही थीं कि तभी सोहराब के फोन की घंटी बजी। दूसरी तरफ से राजेश शरबतिया की घबराई हुई आवाज आई, “सोहराब साहब... मैं एक मुसीबत में ...और पढ़े

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