अपनी सी रंग दीन्ही रे- सपना सिंह राजीव तनेजा द्वारा पुस्तक समीक्षाएं में हिंदी पीडीएफ

अपनी सी रंग दीन्ही रे- सपना सिंह

राजीव तनेजा मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं

देशज भाषा..स्थानीयता और गांव कस्बे के हमारे आसपास दिखते चरित्रों से सुसज्जित स्त्रीविमर्श की कहानियों की अगर बात हो तो इस क्षेत्र में सपना सिंह एक उल्लेखनीय दखल रखती हैं। कई प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं तथा अंतर्जाल में छपने के ...और पढ़े

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