सरहद - 3 Kusum Bhatt द्वारा सामाजिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

सरहद - 3

Kusum Bhatt मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां

3 ‘‘माँ मैं अब पाठषाला नहीं जाऊँगी... मेरे पेट में बच्चा आ जायेगा.. तुम सब मेरी षादी उस गुन्डे से करा दोगे... मैं नहीं जाऊँगी पाठषाला...’’ टप-टप मेरे गरम आँसुओं से मिट्टी का फर्ष भीग रहा था पर माँ ...और पढ़े


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