बुंदेलखंड के लोक-जीवन में समय बोध कृष्ण विहारी लाल पांडेय द्वारा मानवीय विज्ञान में हिंदी पीडीएफ

बुंदेलखंड के लोक-जीवन में समय बोध

कृष्ण विहारी लाल पांडेय द्वारा हिंदी मानवीय विज्ञान

बुंदेलखंड के लोक में समय बोधमनुष्य ने काल के निरवधि विस्तार को अपने बोध की दृष्टि से खंडों में विभाजित कर लिया । आदिम मनुष्य ने भी प्रभात, दोपहर, शाम, रात जैसी परिवर्तित समय स्थितियां देखी होंगी और आरंभ ...और पढ़े

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