My first holi book and story is written by r k lal in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. My first holi is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मेरी पहली होली r k lal द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 19k 27.5k Downloads 36.9k Views Writen by r k lal Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मेरी पहली होली आर ० के ० लाल होली को अभी दो दिन बचे थे कि शाम को मेरे दोनों देवरों ने अपनी बहनों के साथ मेरे कमरे में हल्ला बोल दिया । उस समय मैं एक नयी नवेली दुल्हन के रूप में अच्छे कपड़ों में सजी संवरी पलंग पर बैठी थी । उनके कपड़ों पर रंग लगे थे और हाथों में बाल्टियाँ थी । सब चिल्लाये, “भिगो दो, रेखा भाभी बहुत अच्छे कपड़े पहने हैं ” । मैंने घबरा कर कहा, ‘आज होली नहीं है, परसों है। वैसे भी मुझे रंग लगवाना पसंद नहीं है”। वे बाल्टी More Likes This धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी