Andhere Se Ujaale Ki Or book and story is written by Mukesh Saxena in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Andhere Se Ujaale Ki Or is also popular in Motivational Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. अँधेरे से उजाले की ओर Mukesh Saxena द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 1.3k 2.4k Downloads 9.6k Views Writen by Mukesh Saxena Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अँधेरे से उजाले की ओर आज जब मैंने अमित को राह में देखा तो मैंने घृणा स्वरुप अपनी निगाहें फेर ली। वह मुझे अकस्मात् ही राह में मिल गया था जब कि मैं एक आवश्यक काम से जा रहा था। जब कभी भी वह मेरे सामने आ जाता तो मैं उसकी ओर देख कर घृणा स्वरुप थूक देता था। इसके साथ ही मेरे मन में क्रोध की ज्वाला भड़कने लगती थी परन्तु मैं बड़ी कठिनाई से अपने आप को बस में कर पाता था। इस घृणा के साथ ही साथ मुझे उन बीते हुए दिनों की याद आ More Likes This ट्रिपलेट्स भाग 2 द्वारा Raj Phulware जहाँ से खुद को पाया - 1 द्वारा vikram kori 8:30 pm शांति एक्सप्रेस - 1 द्वारा Bhumika Gadhvi स्वयं पर नज़र: जीवन को समझने का असली मार्ग - 1 द्वारा Sweta Pandey बलवीर की बल्ली - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बड़े दिल वाला - भाग - 1 द्वारा Ratna Pandey The Impossible Walk - 1 द्वारा Rj Nikunj Vaghasiya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी