जनजीवन - 10 Rajesh Maheshwari द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

जनजीवन - 10

Rajesh Maheshwari मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

भ्रूण हत्या उसकी सजल करुणामयी आँखों से टपके दो आँसू हमारी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारो पर लगा रहे हैं प्रश्नचिन्ह? कन्या भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध और अमानवीयता की पराकाष्ठा है, सभी धर्मों में यह है महापाप, समय ...और पढ़े

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