जनजीवन - 7 Rajesh Maheshwari द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

जनजीवन - 7

Rajesh Maheshwari मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

भक्त और भगवान उसका जीवन प्रभु को अर्पित था वह अपनी सम्पूर्ण श्रृद्धा और समर्पण के साथ तल्लीन रहता था प्रभु की भक्ति में। एक दिन उसके दरवाजे पर आयी उसकी मृत्यु करने लगी उसे अपने साथ ले ...और पढ़े

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