जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥ कृष्ण विहारी लाल पांडेय द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥

कृष्ण विहारी लाल पांडेय द्वारा हिंदी कविता

के बी एल पांडेय के गीत है कथानक सभी का वही दुख भरा जिंदगी सिर्फ शीर्षक बदलती रही॥ जिंदगी ज्यों किसी कर्ज के पत्र पर कांपती उंगलियों के विवश दस्तखत, सांस भर भर चुकाती रहीं पीढ़ियां ऋण नहीं ...और पढ़े

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