મારા કાવ્ય Nikita panchal द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

મારા કાવ્ય

Nikita panchal द्वारा हिंदी कविता

1.तड़पतेरे इश्क ने ये हालत कैसी कर दी मेरी ये जालिम।दरबदर भटकते रहेते हम तुम्हें भूलने को रात दिन।हम तो मयखाने में भी जाते है तुम्हे भुलाने के लिए।कमबख्त शराब की हर एक बूंद में भी तुम ही नजर ...और पढ़े

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