bagi atma 15 book and story is written by रामगोपाल तिवारी (भावुक) in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. bagi atma 15 is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बागी आत्मा 15 रामगोपाल तिवारी (भावुक) द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 1.2k 2.5k Downloads 7k Views Writen by रामगोपाल तिवारी (भावुक) Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बागी आत्मा 15 पन्द्रह सारे दिन उदयभान खन्दक में पड़ा रहा। इतने बड़े जीवन में उसे कभी दुःख नहीं हुआ था। वह तो दूसरों को दुःख देता था। पर आज उसे स्पश्ट अनुभव हो रहा था कि दुःख क्या होता है ? मां के रहस्यमय जीवन ने उसे निश्ठुर बना दिया था। मां के मरने के बाद मां का दुःख भी नहीं हुआ बल्कि यह मां के साथ समाज ने जो कुकृत्य दिये थे उसका बदला लेने को बेचैन हो उठाा था। आज स्थिति बिलकुल विपरीत थी। जीवन में रहस्यमय ढंग से एक भाई से मुलाकात हुई। कुछ Novels बागी आत्मा बागी आत्मा 1 रचना काल-1970-71 उपन्यास रामगोपाल भावुक... More Likes This उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha RAJA KI AATMA - 1 द्वारा NOMAN अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी