Likhi Hui Ibarat - 8 book and story is written by Jyotsna Kapil in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Likhi Hui Ibarat - 8 is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. लिखी हुई इबारत - 8 Jyotsana Kapil द्वारा हिंदी लघुकथा 7.3k 2.9k Downloads 10.4k Views Writen by Jyotsana Kapil Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण दंश बाबूजी ने बहुत उमंग व आतुरता से दरवाजे पर लगा घण्टी का बटन दबाया। सोच रहे थे, उन्हें अचानक सामने देखकर बिटिया कितनी खुश होगी। कितना समय हो गया उससे मिले। कुछ देर बाद लड़खड़ाते हुए जमाई बाबू ने दरवाजा खोला। मुँह से एक तेज बदबूदार भभका निकला। उसके हाथ में शायद कोई आभूषण था। प्रणाम की मुद्रा में जुड़े उनके हाथ यूं ही रह गए। “बाबू जी आप!” बेटी पर निगाह पड़ी तो कलेजा मुँह Novels लिखी हुई इबारत ( लघुकथा संग्रह ) 1 - चुनौती जूनागढ़ रियासत में जबसे वार्षिक गायन प्रतियोगिता की घोषणा हुई थी संगीत प्रेमियों में हलचल मच गई थी। उस्ताद ज़ाकिर खान और पंडित ललित... More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी