गंधैला राजेश ओझा द्वारा क्लासिक कहानियां में हिंदी पीडीएफ

गंधैला

राजेश ओझा द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां

रमेसर तिवारी जमींदार खानदान से थे..जमींदारी उन्मूलन भले हो गयी हो पर 'मुई हाथी तौ सवाव लाख' वाली बात उनपर फिट बैठ रही थी..बड़ा सा दो मंजिला मकान था..क्षेत्र के बड़े काश्तकार में सम्मान जनक स्थान था..नौकर -चाकर थे..जवार ...और पढ़े

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