बेनाम शायरी - 5 Er Bhargav Joshi द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

बेनाम शायरी - 5

Er Bhargav Joshi मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

बेनाम शायरी?? ?? ?? ?? ?? ??हम चांद को पाने की हिमाकत लिए बैठे है।हम धरती पर रहकर आसमान लिए बैठे है।।?? ?? ?? ?? ?? ??डूबने का डर लिए समन्दर किनारे बैठे है।टूटने का डर लेकर वो इश्क ...और पढ़े

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