ख़ामोश आवाजें... Satyendra prajapati द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

ख़ामोश आवाजें...

Satyendra prajapati द्वारा हिंदी कविता

__१__हक भी अदा किया है.... जिस्म से मानो जान को जुदा किया है। इक बाप ने अपनी बेटी को विदा किया है।। सब मांगते हैं यहां हक अपना-अपना मगर। आज इक मां ने अपना हक भी अदा किया है।। ये दीवानों ...और पढ़े

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