Insaniyat book and story is written by Shakuntala Sinha in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Insaniyat is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. इंसानियत S Sinha द्वारा हिंदी लघुकथा 9.6k 2.7k Downloads 12.1k Views Writen by S Sinha Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कहानी - इंसानियत मैं पूरे दो साल बाद बेटे के साथ पटना आया था . बंगलुरु से पटना तक तो फ्लाइट से आया , पर पटना से अपने गाँव तारेगना तक एक घंटे का सफर ट्रेन से तय करना था . हम यह सोच कर गाँव जा रहे थे कि जो थोड़ी बहुत प्रॉपर्टी है उसे बेच कर अब बंगलुरु में बेटे के साथ ही रहना होगा क्योंकि अब मैं अकेले रहने लायक नहीं था . गाड़ी शहर से थोड़ी दूर निकली तो पटरी के दोनों तरफ हरे भरे खेत देख कर बीते दिनों की यादें मेरी स्मृति More Likes This अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी