प्यार हो गया किशनलाल शर्मा द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

प्यार हो गया

किशनलाल शर्मा मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

काश------/////----तुमब्रह्मा की अनुपम कृति हो,लगता है,सृष्टि के निर्माता ने,तुम्हे,फुर्सत में,बड़े जतन से घड़ा है,तभी तो,तुम्हारा हर अंग,प्रत्यंगबोलता है,तुम्हारी झील सी गहरी,आंखेगुलाब की पंखड़ियों सदृशपतले,रसीले,नाज़ुक होठ औऱहवा में लहराती रेेेशमी जुुुल्फे,तुम्हारे रंग रुप की जितनीतारीफ की जाए कम है,लोग कहते ...और पढ़े

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