बेनाम शायरी - 3 Er Bhargav Joshi द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

बेनाम शायरी - 3

Er Bhargav Joshi मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कविता

बेनाम शायरी?? ?? ?? ?? ?? ??ये शराब तो बस नाम से बदनामी झेल रही है।असल में नशा तो हमे तेरी आंखे ही दे रही है ।।?? ?? ?? ?? ?? ??इश्क की कुर्बानी को जायज किसने माना है!?"बेनाम"दर्द ...और पढ़े

अन्य रसप्रद विकल्प