रोबोट वाले गुण्डे -5 राज बोहरे द्वारा कल्पित-विज्ञान में हिंदी पीडीएफ

रोबोट वाले गुण्डे -5

राज बोहरे मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी कल्पित-विज्ञान

प्रोफेसर सर्वेश्वर दयाल को नगर की हलचलो से कुछ मतलब न था, वे जब खूब आराम चाहते थे तो किसी नदी का किनारा खोजते थे और दिनभर वही आसन जमाये रहते थे। एसा ही उस दिन हुआ। ...और पढ़े

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