vah ek din book and story is written by Lovelesh Dutt in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. vah ek din is also popular in Philosophy in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. वह एक दिन Lovelesh Dutt द्वारा हिंदी मनोविज्ञान 1.2k 2.5k Downloads 10.6k Views Writen by Lovelesh Dutt Category मनोविज्ञान पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वह एक दिन--लवलेश दत्त‘उफ! यह तो बहुत मुसीबत हो गयी’, अखबार की हेडलाइन ‘देश में इक्कीस दिन के लिए संपूर्ण लॉक डाउन’ पर नज़र पढ़ते ही शर्मा जी के मुँह से निकला, ‘इस महामारी ने तो जीना मुश्किल कर दिया है...पता नहीं क्या होने वाला है? करे कोई भरे कोई...अब भुगतो’ मन ही मन सोचते हुए शर्मा जी ने दरवाजे के नीचे से पड़ा अखबार उठाया और आँगन में रखे गमलों के पास बैठकर अखबार पढ़ने लगे। यह उनकी दिनचर्या का अंग है। सुबह उठकर वह सबसे पहले अखबार पर ही नज़र डालते हैं। आम दिनों में तो उनके इस क्रम More Likes This जीवन का विज्ञान - 2 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani शब्द उपनिषद — सृष्टि का मौन विज्ञान - 1 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani जीवनोपनिषद - 1 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani मनत्रयी दर्शनम् द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani संभोग से समाधि - 1 द्वारा Vedanta Two Agyat Agyani तन्हा सफ़र: जज़्बातों की छांव में भीगा इश्क़ - 2 द्वारा Babul haq ansari सिसकती वफ़ा: एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल दास्तान - 2 द्वारा Babul haq ansari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी