Nai aadat book and story is written by monika kakodia in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Nai aadat is also popular in Fiction Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. नई आदत Monika kakodia द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.4k 3.3k Downloads 11.1k Views Writen by Monika kakodia Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ज़रा धीरे हाथ चला बेटा.. चोट लग जाएगी, तुझे कहाँ की ट्रेन पकड़नी है, देखो हर बात में यूँ जल्दबाजी ठीक नहीं, बहुत वक़्त है अभी लंच में" माँओं के पास अक्सर सवाल होते हैं, और जवाब भी उन्हीं कि साड़ी के पल्लू से बंधे होते हैं, जिन्हें वो कसकर गाँठ लगाया करती हैं कि उनकी बिना चाह कोई उनके जवाब चोरी ना कर पाए।मैंने कई दफ़ा कोशिश की ,माँ की साड़ी की गाँठ को खोल सारे जवाब कहीं लिख लूँ लेकिन माँ उस खजाने को कहीं छिपा दिया करती। शायद वो मेरे इरादों को भाँप जाती थी, उनकी मुस्कान मुझे More Likes This यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai In to the unknown द्वारा Parakshtha यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai यादों की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी