थोड़ा हँस ले यार- सुभाष चन्दर राजीव तनेजा द्वारा पुस्तक समीक्षाएं में हिंदी पीडीएफ

थोड़ा हँस ले यार- सुभाष चन्दर

राजीव तनेजा मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं

आमतौर पर किसी व्यंग्य को पढ़ते वक्त हमारे ज़हन में उस व्यंग्य से जुड़े पात्रों को लेकर मन में कभी त्रासद परिस्थितियों की वजह से करुणा तो कभी क्षोभ वश कटुता उपजती है। ज़्यादा हुआ तो एक हल्की सी...महीन ...और पढ़े