buddhi badi ya dhan book and story is written by Yashvardhan in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. buddhi badi ya dhan is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बुद्धि बड़ी या धन :- यशवर्धन YK. द्वारा हिंदी लघुकथा 6.8k 5k Downloads 23.6k Views Writen by YK. Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण महाराज रुद्र सिंह जनकपूर के राजा थे। उनके दो पुत्र थे ।बड़ा पुत्र परिमल और छोटा पुत्र हार्दिक। परिमल को धन का बड़ा घमंड था। वही हार्दिक बुध्दि को श्रेष्ठ मानता था। फिर एक दिन राजा अपने मंत्री से पुछता है कि परिमल और हार्दिक में से किसे राजा बनना चाहिए और मंत्री कहता है कि महाराज अगर परंपरा अनुसार चले तो राजकुमार परिमल को राजा बनना चाहिए और अगर दोनों में से जो श्रेष्ठ हो उसे बन्ना है ।तो फिर आप एक स्पर्धा रखे जिसमें आप दोनों राजकुमार को एक समान धन दीजिए और तीन वर्ष के लिए दूसरे गाँव More Likes This प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी