Ha, par ek shart hai book and story is written by Lajpat Rai Garg in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Ha, par ek shart hai is also popular in Moral Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. हां, पर एक शर्त है Lajpat Rai Garg द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 14k 2.4k Downloads 11.3k Views Writen by Lajpat Rai Garg Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हां, पर एक शर्त है सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त अस्सी वर्षीय आनन्द प्रकाश जीवन का अन्तिम समय अकेले रहकर बिता रहा था, क्योंकि उसकी धर्मपत्नी का देहान्त हो चुका था। दोनों बेटे विदेश में सैटल थे, जो साल-दो साल में एकाध बार हफ्ते-दस दिन के लिए पिता का हालचाल पता करने आ जाते थे। बेटी नीलिमा उसी शहर में अपने घर-परिवार के साथ रहती थी। आनन्द प्रकाश पार्ट-टाइम कामवाली से अपना काम चला रहा था कि एक दिन बाथरूम में पैर फिसलने से उसके ऐसी गहरी चोट लगी कि उसके लिए उठना भी मुश्किल हो गया। जैसे-तैसे घिसटते हुए उसने More Likes This फुटपाथ की ओर जीवन द्वारा Chandrika Menon इस घर में प्यार मना है - 5 द्वारा Sonam Brijwasi रामेसर की दादी - 1 द्वारा navratan birda देवर्षि नारद की महान गाथाएं - 1 द्वारा Anshu पवित्र बहु - 1 द्वारा archana ज़िंदगी की खोज - 1 द्वारा Neha kariyaal अधूरा इश्क़ एक और गुनाह - 1 द्वारा archana अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी