तैय्यब अली प्यार का दुश्मन Husn Tabassum nihan द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

तैय्यब अली प्यार का दुश्मन

Husn Tabassum nihan द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ

तैय्यब अली प्यार का दुश्मन दिन का मुँह धुंआं धुआं हो रहा था। सूरज अपने कंधे पर दिन का लहू-लुहान जिस्म लिए चलता हुआ। लौटे हुए पंछी हाय-तौबा मचाए पेड़ों की शाखाओं पर लुढ़क-पुढ़क रहे थे। कस्बाई वातावरण थेाड़ा ...और पढ़े