badalte pratiman book and story is written by Kalpana Bajpai in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. badalte pratiman is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बदलते प्रतिमान कल्पना मनोरमा द्वारा हिंदी लघुकथा 5k 2.4k Downloads 10.7k Views Writen by कल्पना मनोरमा Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुबह जागने के लिए और रात सोने के लिए न बनायी जाती, तो कितना अच्छा होता न किसी को जगाने के लिए आवाज़ देनी पड़ती, और न ही सोने के लिए कहना और मनाना पड़ता | कामना पौधों को पानी देती और खिड़की से झाँक-झाँक कर मन ही मन बुदबुदाती जा रही थी | “जी तो ऐसा करता है कि इसी हज़ारा के पानी से उसका मुँह भी छिड़क दूँ जाकर |”वह बेटे को आवाज देते-देते उसके पलंग तक जा पहुँची | “अरे रे रे रे! ये क्या कर रही हैं आप ?” चादर मुँह पर खींचते हुए बेटे ने माँ से कहा More Likes This जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी