Balamva tum kya jano preet book and story is written by Pratyaksha Sinha in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Balamva tum kya jano preet is also popular in Love Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. बलमवा तुम क्या जानो प्रीत Pratyaksha Sinha द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 1.6k 1.7k Downloads 6.4k Views Writen by Pratyaksha Sinha Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बलमवा तुम क्या जानो प्रीत बात सिर्फ इतनी सी थी, सिर्फ इतनी ही तो .. कि बस जी नहीं लगता था कहीं भी, किसी से भी । अंदर सन्नाटा गोल गोल घूमर बनाता प्राण उमेठता और फीकी बेरौनक मुस्कान के कोने पुराने स्वेटर से उधड़ते बिखर जाते । संगीत शब्द रंग बन्द तहखाने में सात तालों के भीतर लुकाई बात थी, दूसरे समय की । तब भी यही समय था और अब भी की आह दबी दबी उठती, बेचैन कराहटों की उँगली थामे, दीवार टटोलते धीरे से चुक जाती, अपने होने से शर्मसार लिथड़ती खामोशी कोने अतरों पर घिसटती खत्म More Likes This ये कहाँ आ गए हम - 3 द्वारा Shristi Tiwari मैं दादा-दादी की लाड़ली - 2 द्वारा sapna बिना देखे प्यार - 1 द्वारा mahadev ki diwani वेलेंटाइन- डे, एक अधूरी शुरुआत - 1 द्वारा vikram kori BL Live story - 1 द्वारा PAYAL PARDHI बिल्ली जो इंसान बनती थी - 1 द्वारा Sonam Brijwasi The Monster Who Love Me - 1 द्वारा sheetal Kharwar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी