कर्म पथ पर के अध्याय 21 में रंजन और जय मेवाराम की दुकान के बाहर खड़े होते हैं। जब वे श्री शिव प्रसाद सिंह से मिलने की कोशिश करते हैं, तो शिव प्रसाद उन्हें पहचानने से इंकार करते हैं और कहते हैं कि उनके पास समय नहीं है। जय, जो एक पत्रकार है, शिव प्रसाद को समझाते हैं कि उनकी बेटियों को भी हैमिल्टन जैसे लोगों से खतरा है और उन्हें सुधारने के लिए लड़ाई लड़नी होगी। शिव प्रसाद अपनी बेटियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बातचीत से हटने की कोशिश करते हैं। जय के तर्कों से यह स्पष्ट होता है कि उन्हें समाज में अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए, लेकिन शिव प्रसाद अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर चिंतित हैं। यह संवाद न्याय और व्यक्तिगत सुरक्षा के बीच संघर्ष को दर्शाता है। कर्म पथ पर - 21 Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 6.1k 3.5k Downloads 9.1k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कर्म पथ पर Chapter 21रंजन और जय मेवाराम आढ़तिये की दुकान के बाहर खड़े थे। एक आदमी को दुकान से निकलते देख कर जय ने आगे बढ़ कर कहा,"नमस्ते भाई साहब। इस दुकान में श्री शिव प्रसाद सिंह हिसाब किताब देखने का काम करते हैं।""हाँ कहिए क्या काम है आपको ?""जी उनसे मिलना था।""किस सिलसिले में ?"रंजन ने कहा,"जी वो हमारे मामा हैं।""अच्छा कौन सी बहन के बेटे हो ?"रंजन ने बिगड़ते हुए कहा,"आप उनसे मिलवा दीजिए। हम Novels कर्म पथ पर Chapter 1सन 1942 का दौर था। सारे देश में ही अंग्रेज़ों को देश से बाहर कर स्वराज लाने का प्रबल संकल्प था। देश को अंग्रज़ों की... More Likes This माइनर टाउन: जागरण - 3-4-5-6 द्वारा Ankit Saxena इश्क की पहली बारिश - 1 द्वारा Pooja RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul माइनर टाउन: जागरण - 1-2 द्वारा Ankit Saxena सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Shanaya khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी