Meri dus chuninda laghukathye book and story is written by Krishna manu in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. Meri dus chuninda laghukathye is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. मेरी दस चुनिंदा लघुकथाएं Krishna manu द्वारा हिंदी लघुकथा 4.9k 2.5k Downloads 11k Views Writen by Krishna manu Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण #लोकतंत्र बूढ़ा सोमर बड़ी कठिनाई से अपनी झोपड़ी के देहरी तक आ सका। एक मिनट की भी देर होने पर वह रास्ते में ही बेहोश हो सकता था। बाबू साहब के खेतों में कभी दिन-दिन भर काम करने वाले सोमर के जर्जर शरीर में अब चार कदम चलने की भी शक्ति नहीं बची थी। आहट पाकर हुक्का गुड़गुड़ाती हुई बुढ़िया बाहर आयी। देहरी पर उसका मरद बैठा हाँफ रहा था। वह उसे सहारा देकर खाट पर सुलाती हुई बिगड़ने लगी- मैं पहिले ही कहत रह्यो कि इ कलमुंहन के बात पर मत जाओ। भला देखौ तो कैसे बुढ़ऊ को अकेला More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी