ओस की बूंदें - मुक्तक संग्रह Amrita shukla द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

ओस की बूंदें - मुक्तक संग्रह

Amrita shukla द्वारा हिंदी कविता

फूल खिला है उस महक से जान लेते हैं।कदमों की आहट से कहाँ अन्जान रहते हैं।जबसे तेरा अक्स दिल में उतर आया है ,आंखें बंद हो तो भी तुम्हें पहचान लेते हैं। ...और पढ़े


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