ख़ामोश लफ्ज़ Er Bhargav Joshi द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

ख़ामोश लफ्ज़

Er Bhargav Joshi द्वारा हिंदी कविता

हादसों से ही हमारी पहचान बनती है,बिना दर्द के छवि कहां आसान बनती है।******* ****** ******* ****** *******उछलता है कोई घाव मुझ में लहर बनकर,पता तो करो किसने दिया है रूह बनकर।****** ****** ****** ******* *******तुझसे मिलने का तो ...और पढ़े