इस अध्याय में पुरुषों और महिलाओं के बीच की असमानताओं पर चर्चा की गई है। यह बताया गया है कि पुरुष बिना किसी डर के कहीं भी घूम सकते हैं, जबकि महिलाएं सुरक्षा की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पातीं। पुरुषों द्वारा उत्पन्न की गई सामाजिक समस्याएं जैसे छेड़छाड़ और बलात्कार नारी की स्वतंत्रता को बाधित करती हैं। लेखक का तर्क है कि यदि पुरुष अपनी सोच में बदलाव लाएं, अपनी नजरें सही रखें और नारी को एक इंसान के रूप में समझें, तो ये समस्याएं खत्म हो सकती हैं। नारी की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए पुरुषों को अपनी आदतों और मानसिकता में बदलाव लाना होगा। अध्याय में यह भी कहा गया है कि यदि महिलाएं पुरुषों के समान स्वतंत्रता चाहती हैं, तो पुरुषों को पहले खुद को सुधारना होगा। अंत में, लेखक ने नारी के अधिकारों और पहचान के लिए पुरुषों को प्रेरित किया है कि वे सही दृष्टिकोण अपनाएं ताकि समाज में बदलाव आ सके। लेखक दिलीप उत्तम हैं, जिनकी पृष्ठभूमि कंप्यूटर विज्ञान में है और वे एक बैंक में ब्रांच मैनेजर हैं। उनकी किताब "आधा मुद्दा" इस विषय पर और अधिक जानकारी प्रदान करती है। आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) - अध्याय १०. DILIP UTTAM द्वारा हिंदी महिला विशेष 690 2.6k Downloads 7.5k Views Writen by DILIP UTTAM Category महिला विशेष पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण -----अध्याय १०."काहे की स्वतंत्रता/नाम मात्र की स्वतंत्रता|"----- पुरुष कहीं भी घूम सकता, कभी भी घूम सकता है, रात-बिरात कभी भी परंतु नारी नहीं घूम सकती| वह भी पुरुषों के कारण ही तो नहीं घूम सकती, क्योंकि घूरते पुरुष है, छेड़छाड़ पुरुष करते हैं और रेप भी पुरुष ही करते हैं और स्वतंत्रता नारी की खोती है, इज्जत नारी की जाती है, बदनाम नारी होती है, दोष नारी पर मढ़ा जाता है और धिक्कारी नारी जाती है क्यों? जबकि पुरुष अपना मानसिक संतुलन ठीक रखें, नारी को काम की वस्तु न समझे, नारी की आजादी का सम्मान करें, नारी को Novels आधा मुद्दा (सबसे बड़ा मुद्दा) "अर्धांगिनी"----- कहने को अर्धांगिनी कहा जाता है परंतु आधा हिस्सा दिया किसने, आधा हक दिया किसने, और आधा अधिकार/मान-सम्मान दिया किसने, आधा तो... More Likes This चंदेला - 3 द्वारा Raj Phulware फूल की किस्मत - 1 द्वारा KANKSHA VASNIK जहरीला घुंगरू - भाग 1 द्वारा Raj Phulware अनकही मोहब्बत - 6 द्वारा Kabir इंतेक़ाम - भाग 17 द्वारा Mamta Meena तन्हाई - 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik शंम्मो जान भाग- 1 द्वारा Lakshmi अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी