नीलू अपनी दादी के बदलते स्वरूप को देखकर चिंतित थी। उसने हमेशा दादी को दबंगई करते देखा था, लेकिन इस बार वह चुप थीं। दादी ने नीलू को उसकी ससुराल 'घुमाने' ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन नीलू चाहती थी कि दादी अपनी नाराजगी जाहिर करें। ससुराल में नीलू की सास ने उसे लेकर कई सवाल किए, लेकिन दादी ने कुछ नहीं कहा। एक महीने बाद जब प्रताप ने नीलू को वापस भेजने की बात की, तो नीलू ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया। उसने कहा कि यह किसी का दायित्व नहीं है कि उसे भेजा जाए। उसने प्रताप से कहा कि वह खुद आकर उसे ले जाए। नीलू ने ससुराल की तानाकशी के कारण अपने चेहरे की चमक खो दी थी और वह पहले की तरह खुश नहीं थी। उसकी मां गौरी ने नीलू से उसके चेहरे की दहशत के बारे में पूछा, और नीलू ने बताया कि उसके ससुराल वाले अत्यधिक दबाव डालने वाले हैं। नीलू ने स्पष्ट किया कि अगर उसने वहां ज्यादा समय बिताया तो उसकी मां उसे तलाक दिलवा सकती हैं। वह नहीं चाहती थी कि वह एक बेटे के साथ वापस आए। गौरी ने नीलू के दर्द को समझा और महसूस किया कि बेटियां कितनी मजबूर होती हैं। बड़ी बाई साब - 17 vandana A dubey द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 53.3k 6.5k Downloads 12.9k Views Writen by vandana A dubey Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण . दादी का ये नया रूप देख रही थी नीलू. अब तक तो पूरी दबंगई से बोलते और दमदारी से सारे काम करवाते देखा था उन्हें, लेकिन किसी ग़लत बात पर वे चुप भी रह सकती हैं, ये नहीं मालूम था नीलू को. अच्छा नहीं लगा था उसे. दादी पर दबंगई ही जमती है. अगले दिन दादी खुद उसे लेकर उसकी ससुराल गयी थीं. हां, उन्होंने सास के कहे अनुसार केवल नीलू को ’घुमाने’ ले जाने का ही प्लान बनाया था. गौरी भी साथ थी, लेकिन उसे बड़ीबाईसाब ने सख्त ताकीद किया था कि वो अपना मुंह न खोले. कितनी Novels बड़ी बाई साब “ ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते !!.......नीचे मंडप में पंडित जी कलश स्थापना कर रहे थे. खिड़की से सिर... More Likes This वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी