सत्या की ज़िंदगी में सुधार आ रहा था क्योंकि मीरा घर लौट आई थी और धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट रही थी। सत्या अब अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में दाख़िला दिलाने का प्रयास कर रहा था ताकि वे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। उसने मिशनरी स्कूल में दाख़िला करवाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन मीरा इस विचार के लिए तैयार नहीं थी। सत्या मीरा को समझाने की कोशिश कर रहा था कि अच्छे स्कूल का माहौल और शिक्षा बच्चों के विकास के लिए आवश्यक है। मीरा का मानना था कि बच्चे स्थानीय स्कूल में भी अच्छा कर सकते हैं। सविता ने सत्या का समर्थन किया और कहा कि अच्छे स्कूल की शिक्षा से बच्चों का भविष्य बेहतर हो सकता है। आखिरकार मीरा ने सत्या की बात मान ली, लेकिन उसने यह चिंता जताई कि वह घर-घर काम करके बच्चों की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाएगी। सत्या ने कहा कि बच्चों को अपने साथियों के सामने शर्मिंदा नहीं होना चाहिए और शिक्षा के लिए मेहनत करनी चाहिए। सविता ने कहा कि अच्छे स्कूल में दाख़िला लेना जरूरी है और सत्या की मदद को स्वीकार किया। उसने मीरा से कहा कि गोपी का सपना पूरा करने के लिए उन्हें यह मौका नहीं छोड़ना चाहिए। इस तरह, सत्या और सविता ने मीरा को समझाने की कोशिश की कि बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए यह कदम आवश्यक है। सत्या - 13 KAMAL KANT LAL द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 3.3k 2.8k Downloads 9k Views Writen by KAMAL KANT LAL Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सत्या 13 सत्या की ज़िंदगी फिर से पटरी पर आ गई लगती थी. मीरा घर लौट आई थी. उस दिन सविता गुस्से में जितना खूँखार लग रही थी, अब उतनी ही बड़ी हमदर्द बनी हुई थी. उसी की सेवा और हिम्मत आफज़ाई का नतीज़ा था कि मीरा बिस्तर से उठकर अब घर का काम करने लगी थी. सत्या के मन में अब एक नया ज़ुनून सवार था. बच्चों को शहर के सबसे अच्छे स्कूल में दाख़िला दिलाने का, ताकि अच्छी शिक्षा प्राप्त कर दोनों बच्चे बड़ा अफसर बन सकें और गोपी का सपना पूरा हो सके. अपने साहब से सिफारिश Novels सत्या सत्या पहला पन्ना 1970 के दशक के प्रारंभ की बात है. तब मैं काफी छोटा था. एक दिन सुबह सवेरे मेरे पिता के एक जूनियर कुलीग हमारे घर पर आए और उन्होंने पूरे... More Likes This चिट्ठी का इंतजार - भाग 1 द्वारा Deepak Bundela Arymoulik उजाले की राह द्वारा Mayank Bhatnagar Operation Mirror - 3 द्वारा bhagwat singh naruka DARK RVENGE OF BODYGARD - 1 द्वारा Anipayadav वाह साहब ! - 1 द्वारा Yogesh patil मेनका - भाग 1 द्वारा Raj Phulware बेवफाई की सजा - 1 द्वारा S Sinha अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी